गुणायतन क्या ?

जैन दर्शन के इन्हीं चौदह गणस्थानों को सुन्दर/आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने के लिए हम एक विशिष्ट योजना को मूर्त रूप देने जा रहे हैं । यह योजना एक अभिनव योजना है । गुणायतन के नाम से बनने जा रहा यह धर्मायतन जैन धर्म के परम्परागत मंदिरों/धर्मायतनों से एकदम अलग एक अद्भुत ज्ञानमंदिर होगा । संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के पावन आशीष तथा मुनिवर श्री प्रमाणसागर जी महाराज की प्रेरणा और परिकल्पना से बनने जा रहे इस धर्मायतन में एनिमेश और मॉडल्स के माध्यम से आत्म विकास के क्रमिक सोपानों को सुन्दर ढंग से
दिग्दर्शित कराया जायेगा । शब्द, संगीत और प्रकाश से युक्त यह परियोजना दर्शकों के भरपूर मनोरंजन के साथ जैन कला और स्थापत्य का
उत्कृष्ट नमूना बनेगा, साथ ही जैन तत्वज्ञान के प्रचार का आधार भी होगा। आत्मा से परमात्मा बनने की जीवन्त झाँकियों के साथ संसारी जीवों की विभिन्न भूमिकाओं के अनुरूप उनके चिन्तन और चर्या का भी सहज बोध प्राप्त होगा। इसकी परिकल्पना कुछ इस प्रकार की है कि साधारण से साधारण जैन-अजैन व्यक्ति इसे सहजता से समझ सकेंगे और मनोरंजन के साथ जैन धर्म के मर्म को जान सकेंगे।