गुणायतन मंदिर

पत्थरों से बना दिगंबर परंपरा में श्री सम्मेद शिखरजी में पंचायतन शैली का प्रथम कलात्मक विशाल मंदिर आधुनिक विज्ञान के माध्यम से १४ गुणस्थानों का दिग्दर्शन गुणायतन में आत्मा से परमात्मा बनने की जीवंत झांकियों के साथ संसारी जीवों की विभिन्न भूमिकाओं के अनुरूप उनके चिंतन और चर्या का भी सहज बोध होगा | जैन समाज को आधुनिक संचार प्रणाली के माध्यम से एक सूत्र में पिरोना गुणायतन को जन जन से जोड़ कर समाज का गुणात्मक परिवर्तन गुणायतन जिन मंदिर की लंबाई -144 फीट, चौड़ाई 139 फीट और ऊंचाई-108 फीट है | पूरा मंदिर पिंक स्टोन से बना हुआ है लगभग 2. 3 लाख घनफीट पत्थर लगा है | पंचायतन शैली से बना यह मंदिर  इसकी लगभग आयु 1500 वर्ष (संभावित) है | भूकंप निरोधी डिजाइन से बनाया गया है और इसमें लोहे आदि का प्रयोग नहीं किया गया है | गुणायतन जिनालय में जो भी नक्काशी का कार्य किया गया है, वह जिनागम के अनुसार किया गया है,और प.पू मुनिश्री 108 प्रमाणसागर जी महाराज के अनुसंधान के आधार पर किया गया है |